
शिमला
कोरोनाकाल में केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान में 631 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। प्रदेश को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 10,800 करोड़ रुपये मिलेंगे जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 11,431 करोड़ रुपये मिले थे। हिमाचल सरकार अपने वार्षिक बजट में इसी राशि से घाटे की पूर्ति करती है। पंद्रहवें वित्तायोग से एक तरह से हिमाचल प्रदेश को यह झटका लगा है।
कोरोनाकाल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था की हालत खराब होने के चलते हिमाचल प्रदेश ज्यादा राजस्व घाटा अनुदान की उम्मीद लगाए बैठे था। चालू वित्तीय वर्ष के लिए पिछले साल पंद्रहवें वित्तायोग ने केरल के बाद हिमाचल को बड़ी राहत दी थी। 11,431 करोड़ रुपये की यह ग्रांट अभूतपूर्व थी। इसे वर्ष 2019-20 की तुलना में 45 फीसदी बढ़ाया गया था। उल्लेखनीय है कि चौदहवें वित्तायोग की ओर से पिछले कई वित्तीय वर्षों में मिले राजस्व घाटा अनुदान की बनिस्बत यह ग्रांट ज्यादा है।
सीएम जयराम बोले – हम प्रबंध कर लेंगे
अगर राजस्व घाटा अनुदान करोना संकट के कारण कम भी मिलता है तो प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से आगामी बजट का प्रबंध कर लेगी। केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान देकर राहत दी है। – जयराम ठाकुर, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश
